जानिए! दुर्घटना होने पर एयरबैग(Airbags) किस तरह हमें सुरक्षा प्रदान करता है.

आजकल की भाग दौड़ भरी जिन्दगी में लोग हर जगह एक दुसरे से आगे निकलना चाहते हैं. सड़क पर भी यही देखने के लिए मिलता है. प्रत्येक व्यक्ति को जाने की जल्दी होती है. कारों में सफर करने वालों को भी जाने की जल्दी होती है और वे भी तेज रफ्तार से कार ड्राईव करते हुए जाते है बिना इस बात की परवाह किये कि इस तेज रफ्तार ड्राइविंग से उनके साथ कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है. ऐसे में अगर दुर्भाग्यवश कभी कोई दुर्घटना हो भी जाती है तो उससे बचाव का एक अच्छा माध्यम है एयरबैग. जो काफी हद तक हमें सुरक्षित रखता है.

आइये जानते हैं एयरबैग क्या है किस तरह काम करता है और किस तरह हमें बचाता है.

  • एयरबैग कारों में सुरक्षा की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है. जो कार में सीट बेल्ट की ही तरह सुरक्षा का उपकरण है. यह दुर्घटना से होनेवाले हमारे जान माल के नुकसान को कम करता है. कार में यह स्टियरिंगव्हील, दरवाजे, डैशबोर्ड, छत में लगा होता है. आजकल यह ज्यादातर कारों में उपलब्ध है.
  • यह सबसे पहले 1967 ई० में एलन के. ब्रीड द्वारा लाया गया लेकिन 1980 में पहली बार मर्सीडीज कार में उपयोग में लाया गया और तब से यह प्रचलन में है.
  • जब कार किसी दूसरी गाड़ी, दिवार, पेड़, पॉल या किसी अन्य चीज से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त होता है तब टकराने पर त्वरामापी (एक्सिलेरोमीटर) सर्किट को सक्रीय करता है और सर्किट एक इलेक्ट्रिकल कर्रेंट भेजता है जिससे आगे लगा सेंसर एयरबैग को सिगनल देता है तुरंत रासायनिक प्रतिक्रिया होता है और तब एक सेकंड से भी कम समय (लगभग 1/20 सेकंड) में लगभग 320 किमी/घंटा की रफ़्तार से बंद एयरबैग फूलता है और कार में बैठने वाले (आगे बैठने वालों के सर और छाती को मुख्य रूप से) को सुरक्षा प्रदान करता है जिसके कारण हमें कोई नुकसान नहीं होता या आंशिक चोटे ही आती है.
  • यह कॉटन का बना होता है और इस पर सिलिकॉन की कोटिंग की जाती है दुर्घटना के समय जब यह फूलता है तो उस वक़्त इसमें नाइट्रोजन गैस भर जाती है.
  • दुर्घटना के वक़्त यह आपको सुरक्षा प्रदान करे इसके लिए यह आवश्यक है कि आप सीट बेल्ट लगाये हुए हों अन्यथा यह एयरबैग अपना काम नही कर पायेगा, क्योंकि यह तकनीकी रूप से एयरबैग से जुड़ा होता है. अत: कार में बैठते ही सीट बेल्ट अवश्य लगा लें.
  • हमे इस बात का भी ध्यान रखना चाहिये कि अगर कभी हमारी कार दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है तो हम उस कार के एयरबैग को अवश्य बदलवा लें. इसके अलावा कुछ एयरबैग को बदलने की तारीख भी निश्चित होती है ऐसे में तारीख की समाप्ति से पहले इसे बदलवा लेना चाहिये.
  • एयरबैग को विभिन्न नामों से भी जाना जाता है जैसे सप्लीमेंट्री रिस्ट्रेन सिस्टम, एयर कुशन रिस्ट्रेन सिस्टम या सप्लीमेंटल इंफ्लेटेबल रिस्ट्रेन सिस्टम.
  • कारों के साथ साथ अब तो एयरबैग का निर्माण बाईक सवारवालों के लिए भी किया जा रहा है.

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