गुणों से भरपूर – हमारे आँगन की तुलसी

तुलसी एक ऐसा पौधा है जो भारत में लगभग हर घर में देखा जा सकता है. यह एक से तीन फीट ऊँचा होता है. वैसे तो तुलसी की कई प्रजातियाँ होती है पर तुलसी की दो प्रजातियाँ काफी प्रचलित है. पहली श्री तुलसी जिसके पौधे और पतियाँ हरे रंग की होती है और दूसरी श्याम तुलसी जिसकी पौधे और पतियाँ श्याम वर्ण की होती है.

तुलसी के पौधे का हिन्दू धर्म में एक विशेष महत्व और स्थान है. लोग इसे अपने आंगन में लगाते है. एवं नित्य इसकी पूजा भी करते है. तुलसी के साथ शालिग्राम की भी पूजा होती है. कार्तिक मास में तुलसी विवाह का विशेष महत्व है. ऐसा माना जाता है कि जिस घर में तुलसी होती है उस घर में भगवान विष्णु का वास होता है. लोग तुलसी की माला भी धारण करते हैं जो सामान्यत: 108 मनके की होती है. तुलसी भोजन को शुद्ध करने वाला माना जाता है अत: ग्रहण के समय लोग भोजन में तुलसी के पत्तों को रखते है. जिससे ग्रहण का दुष्प्रभाव भोजन में न पड़े. हिन्दू धर्मानुसार अगर मृत्यु के वक्त मरनेवाले के मुख में तुलसीपत्र और गंगाजल हो तो वह व्यक्ति स्वर्गलोक को जाता है.

तुलसी के पौधे में बहुत सारे औषधीय गुण भी होते है. इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता पाई जाती है जिसके कारण इसे संजीवनी के समान माना गया है और इसका उपयोग एलोपैथी, होमियोपैथी और यूनानी दवाओं में किया जाता है. तुलसी में रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है जो हमे कई बीमारियों से बचाए रखती है. इसके सेवन से कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होता और इसका सेवन किसी भी उम्र के लोग कर सकते हैं इसलिए तुलसी के पतियों का उपयोग लोग घरेलू उपचार के लिए भी करते है. तुलसी के पौधों से तेल भी प्राप्त किया जाता है यह भी बहुत से रोगों के उपचार में काम आता है.

आइये जानते हैं तुलसी के लाभ/फायदे

  • तुलसी एक ऐसा पौधा है जो दिन हो या रात हर वक्त ऑक्सीजन देता है.
  • घर में तुलसी का पौधा होने से वास्तु दोष दूर होते है एवं सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है
  • ऐसा माना जाता है कि ज्यादा मात्रा में तुलसी के पौधे हो तो मच्छर नहीं आते.
  • अगर किसी को जुकाम हो गया हो तो तुलसी की कुछ पतियाँ लेकर पानी के साथ उबालकर काढ़ा बना लें उसमे हल्का नमक मिलाएं और इसे सुबह शाम पीड़ित व्यक्ति को दें. बहुत जल्द फायदा होगा.
  • अगर किसी को श्वास में दुर्गन्ध की शिकायत हो तो उसे रोज सुबह शाम 3 से 4 तुलसी के पते खाने चाहिए. और 2 बूंद तुलसी का अर्क सुबह शाम नाक में डालना चाहिए. इससे तुरंत लाभ होता है. श्वास की दुर्गन्ध पूरी तरह दूर हो इसके लिए जरूरी है कि नाक और मुंह की अच्छी तरह सुबह शाम सफाई हो.
  • तुलसी के बीज को चूर्ण बनाकर दही के साथ खाने से खूनी बवासीर खत्म हो जाता है.
  • अगर आपको आँखों में जलन की समस्या है, तो हर रात तुलसी का अर्क 2 बूंद आँखों में डालना चाहिए.
  • तुलसी के 10 से 12 पत्ते का नित्य सेवन करने से मानसिक क्षमता का विकास होता है इसके पत्ते को मुख में रख कर पढ़ने से कोई भी पाठ जल्द याद हो जाता है.
  • तुलसी खाने से हमारे शरीर में कोलेस्ट्रोल का स्तर नियंत्रण में रहता है. अत: हृदय रोगियों के लिए भी यह लाभकारी है.
  • अगर आपके गले में खराश हो तो चाय बनाते वक्त चाय की पतियों के साथ तुलसी की भी कुछ पतियाँ डाल दें. और तब यह चाय आपके गले की खराश दूर करती है.
  • तुलसी के पत्ते के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर रोज सुबह शाम लेने से अर्धकपाली में लाभ होता है.
  • तुलसी में थाईमोल होता है जो त्वचा रोगों को दूर करता है. तुलसी और नींबू का रस बराबर मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लगाने से झाईयां दूर होती है.
  • छोटी इलायची का पाउडर, अदरख और तुलसी के पत्तों को समान मात्रा में मिलाकर लेने से उलटी नहीं होती.
  • अगर किसी को कान का बहना, कान का दर्द जैसी समस्या हो तो तुलसी के रस में कपूर मिलाकर हल्का गर्म करके कान में डालना चाहिए.
  • दमा, टी.बी. जैसी शिकायत होने पर शहद, अदरख और तुलसी मिलाकर काढ़ा पीना चाहिए.

मुहांसों के लिए फेस पैक

  • तुलसी की 20 पतियाँ, नीम की 15, पुदीने की 15 पतियाँ और एक टेबल स्पून दही को एक साथ मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें. इसे मुहांसों के ऊपरलगाएं. 15 मिनट बाद चेहरे को साफ़ पानी से धो लें. इससे धीरे धीरे मुहांसे दूर हो जायेंगे.

नोट:- तुलसी के पत्तों को निगल कर खाना चाहिए दांतों से चबाना नही चाहिए क्योंकि तुलसी में पारा का अंश होता है जिससे कि दांत काले हो सकते हैं या दांत खराब हो सकते है.

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