नहाने का सही आयुर्वेदिक तरीका, बाजार में बिकने वाले साबुन का उपयोग बंद करें

Nahane ka sahi ayurvedic tarika, Bazar me bikne wale sabun ka upyog band karen

स्वर्गीय राजीव दीक्षित जी के द्वारा रिसर्च साबुन और शैम्पू कितना खतरनाक है हमारे त्वचा के लिए, आइए देखते हैं और जानेंगे स्वच्छ प्राकृतिक सौन्दर्य कैसे प्राप्त करें-

हमारे घरों में साबुन आता है या बाजारों में विभिन्न प्रकार की कम्पनी के साबुन उपलब्ध है, ये सब हमलोग क्यों खरीदतें हैं। एक बार मैंने एक आदमी से पूछा कि आप विभिन्न प्रकार के कम्पनी के साबुन क्यों लगाते हो, तो उसने कहा कि सारे फिल्मी कलाकार माधूरी दीक्षित, करीना कपूर, शाहरूख खान आदि ये सब यही साबुन उपयोग कर गोरे बने हैं तो मैने कहा कि अगर सारे कलाकार कुँए में गिरेंगे तो क्या तुम भी उसी में गिरोगे, ये मूर्खता मत करें। एक बात आपको मालूम नहीं है कि कोई भी फिल्मी कलाकार साबुन उपयोग नहीं करता है तो आप पूछगें कि मुझे कैसे मालूम? मुझको पता चला कुछ दिनों पहले मुम्बई के जूहू स्थान में मेरा एक व्याख्यान हुआ था, जहाँ भारत के अधिकतम कलाकार का निवासस्थल है। एक कोई फ़िल्मी हीरो है उनका नाम है धर्मेंद्र, उन्होंने मेरे व्याख्यान के कैसेट सुने, मेरे व्याख्यान के कुछ दस कैसेट निकले हैं तो उन्होंने सुने। और उन्होंने तुरंत फ़ोन किया कि मै राजीव दीक्षित से बात करना चाहता हूँ तो मैने कहा बोल रहा हूँ, वे बोले आपके दस कैसट सुनने के लिए गाड़ी से दस चक्कर लगाये तबतक घर नहीं गया जब तक पूरा व्याख्यान समाप्त नही हुआ तो मैने कहा ये तो बहुत अच्छी बात है। उसके बाद मैने कहा तो क्या लगा आपको तो उन्होने कहा मै आपका एक व्याख्यान कराना चाहता हूँ फिर मैने कहा कि जरूर मै आ जाऊँगा तो उन्होने कहा आपकी फीस क्या है तो मैने कहा फीस नही लेता कभी भी व्याख्यान की, तो उन्होने कहा कि खुशी है तो आप जरूर आयें। उसके बाद मैने कहा मेरी एक ही शर्त है कि जितने भी फिल्मी कलाकार है सभी को आप बुलाइये ज्यादा से ज्यादा तो उन्होने कहा मै कोशिश करता हूँ। उनका एक बंगला है, पुणे और मुम्बई के मध्य में वहाँ उन्होंने मेरा व्याख्यान रखा और मै गया वहाँ ज्यादा लोग तो नहीं आये लगभग 25-30 ही आये, उनके बीच मेरा व्याख्यान हुआ, उन्होने बहुत सारे सवाल पूछे जब सब का सवाल खत्म हो गया तो मैने कहा कि मै एक सवाल करता हूँ तो मैने हेमा मालिनी से एक प्रश्न पूछा कि आप आप जो साबुन का विज्ञापन करती हैं तो क्या आप उस साबुन का खुद पर इस्तमाल करतीं है, तो मैने कहा कि आप नहाती भी हैं, उन्होने कहा नहाती तो रोज हूँ तो मैने कहा फिर किससे? तो उन्होने बताया कि चने के आटे में मलाई डालकर नहाती हूँ मतलब बेसन में मलाई डालकर, मतलब आप बेसन में मलाई मिलाकर नहाती हैं तो ये बात पूरे देश को क्यों नहीं बताती हैं, कहने लगी डर लगता है मैने कहा क्या डर लगता है यदि भारत में सभी बहनों ने बेसन में मलाई डालकर नहाना शुरू किया तो सब सुन्दर अभिनेता की तरह दिखने लगेंगी। फिल्मी महिला अभिनेता साबुन से नहीं नहाती हैं। उसका कारण है कि साबुन कास्टिक सोडा से बनता है और कास्टिक सोडा हमारे शरीर के लिए बहुत खराब होता है। आप चाहें तो इसका प्रमाण खुद निकाल सकते है आप साबुन से स्नान करें फिर 20 मिनट के बाद जब आपका शरीर सुख जाए तो अपने नाखुन से अपने शरीर पर एक रेखा खीचें तो देखगें कि सफेद रंग की लाइन दिखाई देगा, ठण्डी के दिनों में ये और जल्दी पता चल जाएगा आप साबुन से स्नान करें 10 मिनट में आपका चेहरा सफेद-सफेद दिखाई देने लगेगा। उसमें जो कास्टिक सोडा है वो आपके शरीर में चिपक जाता है चाहे जितना पानी उस पर गिराइए वो हटने वाला नही, तो साबुन सबसे बेकार चीज है।

अब आप बोलेंगे कि बेस्ट आइडिया क्या है – मुलतानी मिट्टी, जो मिलती है अभी भी इस देश में। खरीद आइए बाजार से, क्या करें? उस मुलतानी मिट्टी को दही में डालिये, रात को सवेरे तक पूरा मुलायम हो जाएगा, सुबह उसका पेस्ट बनाइए और जैसे साबुन से स्नान करते हैं वैसे ही मुलतानी मिट्टी भी आप अपने शरीर पर लगाइये और फिर गर्म पानी से नहा लीजिए आपको कोई लकीर दिखाई नहीं देगा, एकदम ताजा अनुभव करेंगे। दूसरा रास्ता बेसन लीजिए उसमें मलाई मिक्स करें उसे भी अच्छे से अपने शरीर पर लगा लीजिए, तीसरा रास्ता आप अपने घर में ले आईए मसूर की दाल, उसे अपने सामने पिसाईये और उसमें शहद मिक्स करें और उसका पेस्ट बनाकर शरीर में लगायें और गर्म पानी से स्नान करें आपका पूरा शरीर मुलायम और स्वच्छ हो जाएगा। चौथा रास्ता मुलातानी मिट्टी लें, रीठा पाउडर लें, शिकाकाई पाउडर लें तीनों को बराबर भागों में मिक्स कर दें और एक डब्बा मे रख लीजिए यह मिक्सर एक साल तक खराब नहीं होगा, नहाने के 10 मिनट पहले एक चम्मच पाउडर एक ग्लास पानी डाल दीजिए और उससे पहले आप अपने सर का बाल धो लीजिए आपके बाल झड़ना बंद हो जायेंगे और फिर उसी पानी से शरीर में भी लगा लीजिए आपको कभी कोई साबुन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब आपको सबसे अच्छा तरीका बताता हूँ आपके यहाँ अकोला में गाय के गोबर से एक साबुन बनता है और जो गाय के गोबर से जो साबुन बनता है तो पिछले बार मै यहाँ से खरीद कर ले गया और मैने अपने सभी दोस्तों को बाँटा और मै खुद भी उसी से नहाता हूँ। मै आपको सच बताता हूँ उससे नहाने के दस मिनट बाद जो उससे खुशबू आता है फिर मैने कुछ पुरानें ग्रथं खोजे और मुझे यह पता चला कि भारत में जब किसी राजा को यज्ञ करना होता था तो गोबर से स्नान करने के बाद ही होता था। भगवान राम ने भी यही किया जब गोबर से स्नान किया था तब यज्ञ में बैठ पाये थे। शास्त्रों में इसका वर्णन है और गोबर से स्नान करना बहुत ऊँची बात है। आपके घर में यदि देशी गाय है तो उसके गोबर से सीधे स्नान कर सकते हैं। नहीं है, तो आपके अकोला में बनता है इतना अच्छा साबुन अगर आप वो खरीदेंगे तो उसका पैसा कहाँ जाएगा, अकोला में मतलब किसी गोशाला में वहाँ काम रहे भाई को कुछ रोजगार मिलेगा। मेरा तो यह मन है कि ये गोशाला हर गाँव, गली मे खुल जाये। उससे क्या होगा- उससे दुध, गोबर, घी, स्वदेशी साबुन बिना किसी रसायनयुक्त का मिलेगा। तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था बदल जाएगी। आप आज ही ये लोकल बाजार वाला साबुन खरीदना बंद करें और ऊपर दिये गए सामग्री से स्नान करें।

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