नीम के फायदे एवं उपयोग और तेल बनाने की विधि

वर्तमान समय में लोग चटर-पटर खाना खाते हैं।बाहर से आते ही बिना हाथ -पैर धोये खाने लग जाते हैं,जिससे कई प्रकार की बिमारियोें के शिकार हो जाते हैं। शरीर में जहाँ-तहाँ मुहाँसे,दाने,फोड़़े-फून्सी वगैरह हो जाते है।लोग इसका उपचार अंग्रेजी दवाओं से करते है,जो ठीक तो हो जाते हैं,किंन्तु पूर्ण रूप से नहीं हो पाते हैं। इसके लिए हमें आयुर्वेदिक तरीकों का इस्तेमाल कर पूर्ण रूप से निजात(छुटकारा) पाना होगा। वह आयुर्वेदिक तरीका है- नीम

1 नीम पूर्ण रूप से वैक्टिरिया रोधक है। इसके इस्तेमाल से मधुमेह,मुहाँसे,फोड़े-फुन्सी पूर्ण रूप से समाप्त हो जाते हैं।
2 नीम के पेड़ का हर भाग जड़,तना,पत्ते,फल सभी गुण कारक है। इसे सर्व रोग निवारिणी नाम से भी जाना जाता है।
3 हमारे शरीर में अरबों कोशिकाएँ और वैक्टिरिया हैं। इसमें दुषित वैक्टिरियों को समाप्त करने की क्षमता हैं।

आइये नीम के उपयोग को जानेंः-
1 नीम के पत्ते को पानी में डालकर रात भर छोड़ दें और सुबह उसके पानी से स्नान करें, इसके उपयोग से शरीर के दुषित वैक्टिरिया समाप्त हो जाती है।
2 नीम के पत्ते को पीसकर चेहरे पर लेप करने से फोड़े-फुन्सी से छुटकारा पाया जा सकता है।
3 नीम को दतवन के रूप में इस्तेमाल कर मुहँ में होनी वाली दुर्गन्ध और कीटाणुओं से छुटकारा पा सकते हैं।
4 नीम के पत्ते का काढ़ा बनाकर हफ्ते में दो बार चाय के रूप में इस्तमाल कर सालोभर रोगमुक्त हो सकते हैं।
(नोट- जैसा कि हमने पहले बताया कि वैक्टिरिया अच्छे-बुरे दोनों होते है,नीम दानों में सक्षम हैं। इसलिए हफ्ते में 2-3 बार ही पीये)
5 नीम के पत्ते को सुखाकर चावल तथा गेहूँ या अन्य अनाजों में रखने से अनाज मे कीड़े नहीं लगते।

6 नीम तेल,सरसों तेल,कपूर को अच्छी तरह मिश्रण करें। उसे अपने ऑल-ऑउट में भर दें,इससे मच्छर भाग जाते हैं।

इस तरह हम पाते हैं कि नीम में अनेक गुण मौजुद हैं। आज भी लोग नांगपंचमी और होलिका-दहन के दिन नीम सेवन कर रोग-मुक्त हो रहे हैं एंव दाँतो तथा शरीर की कई बिमारियों से छुटकारा पा रहे हैं। सिर्फ जरूरत है नीम के इस्तेमाल की।

वैसे तो नीम तेल बाजार में उपलब्ध है,फिर भी अगर बनाना चाहें तो यहॉ देखें-
1 सबसे पहले नीम के पके हुए फल तोड़ लें, फिर उसे धूप में अच्छी तरह सूखा लें।
2 जब नीम का बीज सुख जाए तो उसके बिजों को अलग कर दें
3 उसे अच्छी तरह फेट लें (मिक्स कर दें) या उसे किसी मिक्सर सहायता से उसे पीस लें। आप देखेगें कि उससे तेल निकलना शुरू हो गया है।
4 अब पीसे इुए गुठलियों के पाउडर को एक बर्तन  में डाल कर उसमें 10ः1 के अनुपात से पानी मिक्स कर के उसे कुछ देर तक छोड़ दें।
5 अब उसे अच्छी तरह निचोड़े आपका प्राकृतिक नीम तेल बनकर तैयार हो जाएगा। 1 किलो नीम फल = 100 ग्राम तेल प्राप्त होगा।
6 इसके बाद इसे छान लें और बोतल में बंद कर लें। उपयोग करने से पहले इसे गर्म कर लें।

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