पान खाने के फायदे चुने के साथ, क्यों खानी चाहिए और कैसी खानी चाहिए

राजीव दीक्षित के व्याख्याणों में से एक पान खाने के फायदे– जो लोग खाना खाने के बाद पान खाते हैं चुना मिलाकर वो जीवन भर वात के रोगी होगें नहीं। चुना सबसे ज्यादा वात नाशक औषधी में से एक है, मेथी का दाना तो है ही मगर चुना उससे एक डिग्री ऊपर है चुने पर वागभट् जी का बहुत ज्यादा रिसर्च है। वे कहते है ये भगवान की दी हुई ये प्रचंड मात्रा में अद्भुत ऐसी चीज है जो आपके वात की सभी रोगों को दूर करेगी मतलब अगर आपको कमर,घुटने,कंधा दुखता हो तो चुना खाइए ( चुना खाने की मात्राः चना का एक दाना का चौथा भाग जो होता है बस उतना ही उससे ज्यादा नहीं) फिर वो कहते है इतना ही नहीं, शरीर में जो कैल्शियम है वो घटक है सूक्ष्म पोषक तत्व ये कैल्शियम के बारे में जो गंभीर बात है आज के विज्ञान के हिसाब से जो मैं कहना चाह रहा हूॅ वागभट् जी ने साढ़े तीन हजार वर्ष पहले ही कह दिया आज का विज्ञान उसे साबित कर रहा है ये कैल्शियम की कमी अगर शरीर को है तो आपको अनेकों बिमारियॉ़ आयेगा। क्या-क्या बिमारियाँ आयेगा माँसपेशियाँ का दर्द,हड्डियों का दर्द ये सब कैल्शियम के वजह से होता है फिर रक्त के बहूत से रोग कैल्शियम के वजह से होता है बहुत से कफ के रोग कैल्शियम के वजह से आते है तो कैल्शियम की कमी नहीं होनी चाहिए। आज के आधुनिक विज्ञान भी कहता है कि कैल्शियम वह पोषक तत्व  है जिसके शरीर में रहने पर ही दूसरे सूक्ष्म पोषक तत्व उपयोगी होते हैं इसका मतलब ये है अगर आपको शरीर में विटामिन सी का असर देखना है तो भी कैल्शियम चाहिए विटामिन बी,विटामिन डी,विटामिन ए, प्रोटीन अच्छे से काम आये आपके शरीर में तो कैल्शियम चाहिए। कार्बोहाइड्रेट ठीक से आपके शरीर में मदद करे तो कैल्शियम चाहिए, फैट आपके शरीर में बराबर मात्रा में रहे तो कैल्शियम चाहिए। मतलब कि कैल्शियम नही तो शरीर में सब बिमारी आने वाली है इसलिए कैल्शियम की उपलल्धि होनी ही चाहिए।

अब इसके बारे में वागभट् जी कहते हैं आधुनिक विज्ञान ने इसे अब साबित किया,वागभट् जी ने पहले ही कह दिये कि हमारे शरीर की 40-45 उम्र तक जो कुछ खा रहे इसी में से कैल्शियम हमको मिलता रहता है सबसे ज्यादा कैल्शियम आप जानते किस में है दूध में है उसके बाद दही उसके बाद मठ्ठा उसके बाद मक्खन के बाद घी ये सब में भरपूर कैल्शियम है फिर आपने खाया संतरा,मौसमी,अंगूर जो भी खट्टे फल आम आदि सब में कैल्शियम भरपूर मात्रा में है जो सबसे ज्यादा मात्रा फलो में माना जाता है वह केला मे है केला भरपूर खाना चाहिए क्योंकि कैल्शियम का सबसे ज्याइा भंडार है जो आसानी पचता है तो ऐसे जो फल है इनका कैल्शियम है 45-45 साल तक मिलता रहता है क्योकि जो शरीर बायो कैमेस्ट्री है ये 40-45 साल तक एकदम फिट रहती है लेकिन जैसी ही 45 खत्म होती है खास कर माता एंव बहनों के लिए जब मासिक धर्म बंद होता है उसी समय आपको कैल्शियम हजम होना कम होता है आप कितना ही केला खाये कैल्शियम उतना पुर्ति नहीं करता जितना पहले हार्मोन कमजोर हो जाता है। तब आपको जरूरत होता कि कैल्शियम बाहर से लें इसलिए सब माताऐ ध्यान दें इसको गॉठ बाँध लें कि 45 होते ही चुना खायें क्योकि अतिरिक्त बाहर से कैल्शियम उसी से मिलेगा ,चुना जरूर खायें। आप भी चुना खायें (पुरूष) क्योंकि आप की भी उम्र 45 की होगी तो ये कैल्शियम वो आपके लिए भी प्रयाप्त नहीं है जो फलों और सब्जियों से आती है कुछ ज्यादा चाहिए। तो शायद इससिए इस देश में एक परम्परा विकसित हुई है पान खाने की। ये पान खाने की परम्परा बहुत ही वैज्ञानिक है जिसने भी शुरू की होगी वह पक्का वागभट् का चेला रहा होगा। बहुत समझकर उसने ये शुरू किया होगा कि भारत के सभी जाति में  उत्तर से दक्षिण,पुरब से पश्चिम ये परम्परा है कहीं भी चले जाओ तो ये पान खाना भारतीय सभ्यता का महत्पपूर्ण अंग है जो हमारे स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है बस इतना ही घ्यान रखें पान सिर्फ चुने वाला ही खायें,पान कभी कथ्था वाला न खाये, कथ्था वाला पान हानिकारक है, ये सिर्फ स्वाद के लिए है। पान में सिर्फ चुना,सौंफ,लौंग, गुलाब से बना हुआ गुलकंद, गहरे कलर का पत्ता में ही खायें।।

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