भारतीय डाक का पेमेंट बैंक शुरू

भारतीय डाक का इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक यानी आईपीपीबी(IPPB ) शनिवार 02/09/2018 से शुरू हो गया। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में फैले डाकघरों के जरीये यह यह आम लोगों को घर बैठे बैंकिंग सुविधाएं मुहैया करवाएगा। लगभग 40 हजार डाकिये और 2.60 लाख ग्रामीण डाक सेवक चलते-फिरते बैंक के तौर पर काम करेगें।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी के इस सेवा का शुभारंभ करने के साथ ही देशभर में आईपीपीबी(IPPB ) की 650 ब्रांच और 3,250 डाकघरों में सेवा केंद्र शुरू हो गए। साल के अंत तक सभी 1.55 लाख डाकघरों में यह सुविधा शुरू हो जाएगी। मोदी ने तालकटोरा स्टेडियम में जुड़े 21 लाख से ज्यादा लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आज से डाकिया डाक लाया के साथ-साथ डाकिया बैंक भी लाया है।’’ गौरतलब है कि सरकार ने पिछले सप्ताह पोस्टल पेमेंट बैंक के खर्च में 80 प्रतिशत राशि की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी। यह राशि 1453 करोड़ रूपये होगी। इससे पोस्टल बैंक पेमेंट को वर्तमान के पेमेंट बैंक जैसे- एयरटेल पेमेंट बैंक और और पेटीएम बैंक से प्रतिस्पर्धा कर सकेगें। वहीं संसार मंत्री मनोज सिन्हा ने बताया कि पोस्ट पेमेंट बैंक देश में सबसे ज्यादा पहुंच वाला, किफायती और भरोसेमंद बैंक होगा। इस बैंक से लोन यानी कर्ज नहीं मिलेगा, बाकि अधिकतर काम हो सकेंगे।

इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक से जुड़े कुछ आम पुछे जाने वाले प्रश्न और उत्तर-

1) पेमेंट बैंक में खाता कैसे खुलेगा ?
– देशभर में इसकी 650 शाखाओं और 3,250 सेवा केन्द्रों में बैंकिग सुविधाएं जल्द ही मिलनी शुरू हो जाएंगी। सिर्फ आधार कार्ड से ही पोस्ट बैंक में खाता खुल जाऐगा।

2) ये बैंक सेवा का कितना शुल्क लेंगें और ग्राहकों का बचत पर कितना ब्याज मिलेगा ?
– ग्राहकों को पोस्ट बैंक सेविग अकाउंट पर 4 प्रतिशत ब्याज देगा। किसी भी सेवा के लिए शुल्क नहीं लिया जाएगा। पेमेंट बैंक में प्रति अकाउंट के हिसाब अधिकतम 1 लाख रूपये तक जमा किए जा सकेंगे। ये बैंक लोन उपलब्ध नहीं कराएगा।

3) क्या पोस्ट सेविंग एकाउंट इस बैंक से लिंक होंगे?
– पोस्टल पेमेंट बैंक को यह अनुमति है कि वह 17 करोड़ पोस्टल सेविंग बैंक अकाउंट को लिंक कर सकता है। इस बैंक को आम आदमी की पहुंच के दायरे में लाना और भरोसेमंद बैंक के रूप् में स्थापित करने का उद्देश्य है। इसमें डाक विभाग के 3 लाख डाकिए, डाक सेवक की भूमिका निभाएंगे।

4) पोस्टमैन और एजेंट्स की क्या भूमिका होगी?
– डाक सेवकों को पेमेंट बैंक के उत्पादों जैसे डाक बीमा की बिक्री और सेवाओं के एवज में कमीशन मिलेगा। यह 25 प्रतिशत तक होगा। इसका 5 प्रतिशत डाक विभाग लेगा। पोस्टमैन को भी डाक सेवकों की तरह उत्पाद बेचने पर कमीशन मिलेगा।

5) पेमेंट बैंक में कौन सी सेवाएं मिलेंगी?
– पोस्ट पेमेंट बैंक सेविंग और करेंट अकाउंट, मनी ट्रांसफर, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण,बिल भुगतान,डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) बिल,यूपीलीटी पेमेंट और दुकानदारों को भुगतान जैसे वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराएगा। ये बैंक वित्तीय सेवाओं के लिए अपनी सहयोगियों से करार करेगा, जिसे थर्ड पार्टी उत्पाद दे सकेगा। जैसे पीएनबी के एजेंट के रूप में काम करेगा।

6) क्या एटीएम, मोबाइल बैंकिंग एक्टिव हो सकेगी?
– बिल्कुल, सामान्य बैंकों की तरह ही पेमेंट बैंक के ग्राहक उसके उत्पादों और सेवाओं का काउंटर सर्विस, एटीएम,मोबाइल बैंकिंग एप्स, एसएमएस और आईवीआर से प्रयोग कर सकेंगे।

7) कितने डाकघर बैंक में तब्दील हो जाएंगें?
– देश में इस साल 31 दिसम्बर तक 650 पेमेंट बैंक शाखाओं और 3250 एक्सेस प्वाइंट से 1.5 लाख पोस्ट ऑफिस बैंक की तरह संचालित होंगे।

8) क्या डाकघर मौजूदा बैंकों का विकल्प बनेंगे?
– देश में मौजूदा बैंकों का विकल्प बनेंगे ।
– देश में 1.3 लाख डाकघर ग्रामीण क्षेत्रों में है, जबकि वहाँ बैंकों की शाखाएं महज 49 हजार है। बैंक से लोन नहीं मिलेगा। यानी मौजूदा बैंकों का विकल्प नहीं बनेंगे, बल्कि दूर-दराज तक पहुँच बढ़ेगी।

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