हृदय में लगने वाला स्टेंट क्या है. कैसे लगाया जाता है और इसकी कीमत क्या है.

आइये जानते हैं स्टेंट क्या होता है
हृदय की धमनियों के ब्लॉकेज को दूर करने में स्टेंट का उपयोग किया जाता है. इस तरह की समस्या ज्यादातर खान-पान में लापरवाही, धुम्रपान करना, ज्यादा जंक फूड खाना, एक्सरसाइज न करना हो सकती है. वंशानुगत भी दिल की बीमारी हो सकती है.
स्टेंट एक ट्यूब या स्प्रिंग की तरह का डिवाइस होता है. जिसे हृदय के अंदर लगाया जाता है जो हृदय की धमनी को खुला और चौड़ा रखता है. जिससे हृदय में खून का प्रवाह ठीक तरह से होता रहे.
स्टेंट के प्रकार:- ड्रग एल्युटिंग स्टेंट, बायोरेजौर्बेबल स्टेंट और मेटल स्टेंट.

स्टेंट क्यों लगाया जाता है
हृदय की धमनियों के भीतर वसा (फैट) जमा हो जाने के कारण या धमनियों के सिकुड़ जाने के कारण खून का प्रवाह में रुकावट आने लगती है जिससे रक्त शरीर के सभी अंगो में नही पहुंच पाता है. इसे ही ब्लॉकेज कहा जाता है. और इसी के कारण हार्ट अटैक भी आ सकता है. ब्लॉकेज हटाने या धमनी की नली को फिर से चौड़ा करने या पुन: अपने आकर में वापस लाने हेतु धमनी की नली में स्टेंट लगाया जाता है.
स्टेंट लगाने की प्रक्रिया को एंजियोप्लास्टी कहा जाता है. एंजियोप्लास्टी में एक बैलून की सहायता से ब्लॉकेज को हटाया जाता है. इसमें कैथेटर (एक पतली ट्यूब) की सहायता से पैर या हाथ की बड़ी धमनियों के माध्यम से हृदय तक पहुँचाया जाता है. और वहाँ पर स्टेंट लगा दिया जाता है जहाँ कोलेस्ट्रोल (फैट) की वजह से खून का प्रवाह बंद या बहुत कम हो गया है. जिससे खून का प्रवाह ठीक से होता रहे. स्टेंट लगाने के शुरूआती दिनों में प्लेटलेट्स रक्तकण स्टेंट में चिपकने लगते है. और अगर ये ज्यादा मात्रा में इकठ्ठे हो जाये तो खून जमने के बाद वहाँ गांठ भी बन सकती है. और धमनी फिर से बंद हो सकती है. जससे हार्ट अटैक आ सकता है. चूँकि खून के गांठ न बन पाए इसके लिए स्टेंट लगवाने के बाद डॉ. द्वारा डी गयी दवाए समय पर लेते रहे. कोई समस्या होने पर डॉ. से सम्पर्क करे. और ऐसे भी हर छह महीने पर डॉ. से जाँच कराते रहे.
अगर आपको स्टेंट लगवाना पड़े. तो सावधान हो जाये कहीं डॉ. स्टेंट लगवाने के नाम पर आपसे लाखों की ठगी तो नही कर रहे. अस्पताल में स्टेंट लगवाने के नाम पर एक स्टेंट की कीमत 90 हजार, एक लाख से दो ढाई लाख तक ली जाती है. पर अब स्टेंट की कीमत सरकार द्वारा तय कर दी गयी है सभी अस्पतालों के लिए वो अस्पताल चाहे सरकारी हो या प्राईवेट. ड्रग एल्युटिंग स्टेंट और बायोरेजौर्बेबल स्टेंट की कीमत सरकार द्वारा 30,000 रु. (टैक्स सहित 31,080 रु.) तय की गयी है. जबकि मेटल स्टेंट की कीमत 7500 रु.(टैक्स सहित 7,623 रु.) तय की गयी है. सरकार के आदेशानुसार अब अस्पताल अपने बिल में अलग से बतायेगे कि स्टेंट की क्या कीमत ली गयी है. अगर कोई अस्पताल स्टेंट की ज्यादा कीमत लेता है तो आप इसके खिलाफ शिकायत कर सकते है.
स्टेंट लगवाने जा रहे हों तो सावधान – अगर कोई डॉ. आपको स्टेंट लगाने की सलाह दे तो पहले किसी और डॉ. से भी अपनी रिपोर्ट दिखा ले. कभी कभी जरूरत ना होने पर भी डॉ. अपने पैसे बनाने के चक्कर में ब्लॉकेज बताते है या स्टेंट लगाने की सलाह दे देते है. अगर आपको स्टेंट लगाने के कुछ महीनों बाद पता चले कि आपको ये लगवाने की जरूरत ही नही थी तो उस वक्त आप कुछ भी नही कर सकते और आपके पैसे भी बर्बाद चले जाते है. इन सब से बचने के लिए ये आवश्यक है कि हड़बड़ी में कोई फैसला न ले. सोच-समझ कर संतुष्ट होने के बाद ही कोई निर्णय ले.

One thought on “हृदय में लगने वाला स्टेंट क्या है. कैसे लगाया जाता है और इसकी कीमत क्या है.

  • अगस्त 24, 2018 at 4:24 अपराह्न
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    Heart problem

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